Sunday, July 5

Sad Shayari

? मेरी तो आदत थी

दूध में शक्कर की तरह घुल मिल जाने की

पर मुझे तो याद ही नहीं रहा कि

 ज़माना तो शुगर फ़्री हो गया है`!!

        ? एक दिन शिकायत तुम्हे “वक़्त” और “ज़माने” से नही 

 “खुद” से होगी……….कि,

ज़िंदगी सामने थी और तुम “दुनिया” मैं उलझे रहे…..!! 

        ? ये किताबी नहीं, जीवन का गणित है……. साहब ,
             यहाँ दो में से एक गया……. तो कुछ नहीं बचता,
             चाहे जीवन साथी हो……. या दोस्त….!!

 ?  आपकी मुस्कराहटें सुकून है मेरा !!

         ? डिग्रियाँ तो शैक्षिक ख़र्चों की रसीदें मात्र है,
              वास्तविक शिक्षा तो वही है जो आचरण से झलकती है !     

  ? गलतफहमियों के सिलसिले इतने दिलचस्प हैं,
            कि हर ईंट सोचती है, दीवार मुझ पर टिकी है ।

  ?  स्त्री यदि बहन है
              तो प्यार का दर्पण है ||
              स्त्री यदि पत्नी है
              तो खुद का समर्पण है ||
              स्त्री अगर भाभी है
              तो भावना का भंडार है ||
              स्त्री यदि मामी, मौसी, बुआ है
              तो स्नेह का सत्कार है ||
              स्त्री यदि काकी है
              तो कर्तव्य की साधना है||
              स्त्री अगर साथी है
              तो सुख की शतत संभावना है ||
              और अंतिम पंक्ति……
              स्त्री यदि “माँ” है
              तो साक्षात “परमात्मा” है।।।

  ? गलतियाँ सुधारी जा सकती है …
           गलतफहमियां नहीं …!!

      ? जहर का भी अपना हिसाब है,                     
           मरने के लिए जरा सा और 
           जीने के लिए बहुत सारा पीना पड़ता है।

       ? है न मुझमें गलतफ़हमियाँ…
           तुम्हें जब भी समझा, अपना समझा…!!

      ? “हर रोज़ गिरकर भी, मुक़म्मल खड़े हैं…!
            ऐ ज़िंदगी देख, मेरे हौसले तुझसे भी बड़े हैं …!!”

       ? कोई फूलों से सीखे सरफ़राजे़ ज़िन्दगी होना……..
            वहीं से फिर महकते हैं, जहाँ से ख़ाक होते हैं……..!!

       ? घर परिवार के लिए जो जिंदगी गुजार देते हैं फिक्र में..,
            मंजिल मिलने के बाद उनका नाम भी नही आता ज़िक्र में ..!!!

       ? अच्छा लगता है मुझे उन लोगों से बात करना …
            जो मेरे कुछ भी नही लगते पर फिर भी मेरे बहुत कुछ  हैं…!!

       ? जब सब्र आ जाए तो कुछ भी छिन जाए…
            फ़र्क नहीं पड़ता…!! 

      ? हौसले के तरकश में
           कोशिश का वो तीर ज़िंदा रखो
           हार जाओ चाहे जिन्दगी मे सब कुछ
           मगर फिर से जीतने की उम्मीद जिन्दा रखो !                 

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