Friday, September 18

Poem: Girlfriend ka Dhokha…….( गर्लफ्रेंड का धोखा……..) / अपन दोनों के चर्चे चल रहे हैं……………





अपन दोनों के चर्चे चल रहे हैं…………… 








लिख दूं तो जी हल्का हो जाए लोग ऐसा कहते हैं 

पर कभी ध्यान ना दिया मैंने इनकी बातों की गहराइयों पें  
पर लिखूं भी तो क्या शब्द कम पड़ रहे हैं 
तेरी खूबसूरती पर सब नाज कर रहे हैं
और तेरे सिर्फ एक बार मुस्कुराने से अपन दोनों के चर्चे चल रहे हैं 
                                                         अपन दोनों के चर्चे चल रहे हैं  




लिखने से पहले जरूरी होता है उसको देखना 
देख तो लिया है मैंने और तुझे ही है अब सिर्फ पढ़ना 


पढ़ भी लो तो आना चाहिए समझना 
थोड़ा वक्त और दे मुझे ना है इसमें कोई गुनाह 
अब जाके समझ तो गया हूं बस बाकी है परखना 
                                           बस बाकी है परखना  


पर पता है मुझे पास हो जाएगी तु इस परीक्षा में 
तुझे निहारने के चक्कर में फेल तो हम हो गए हैं

फिर भी तू पास हो गई मेरी चाहत की परीक्षा में 
मौका क्या दिया छूट गई तू इस नजर के बाजार में

औढ लेना तू बुर्का कहीं नजर ना लग जाए 
अब भी प्यार करती हो यह कह के पागल ना बनाएं 


क्योंकि देखा है मैंने समंदर में कश्तियां डूबते 
तैरना आता भी हो तो क्या अच्छे अच्छे तैराक भी हैं डूब जाते 


फिर यह तो प्यार का समंदर था 
जिसे तूने आंसुओं मैं तब्दील कर दिया 


मेरे मोहब्बत के पैगाम को अपना कर 
तूने उस दिन मुझे घायल कर दिया 


फिर जब करती थी प्यार तो ऐसा क्यों किया मेरे यार।
क्यों रची साजिशें मेरे खिलाफ क्या हो गया था मैं लापरवाह

जब दौलत से ही था प्यार तो मांग लेती कभी 
दौलत तो क्या दिल भी निकाल दे देता पगली 


पर खुशी इस बात की है कि तू पकड़ा गई 
और मेरी सच्ची दोस्ती मेरे फिर काम आ गई 


अब मत मांगना माफी मुझसे क्योंकि कभी ना कर पाऊंगा माफ तुझे……. 


फिर भी तेरी चाहत, जिंदा रखता हूं, और तुझे चेतावनी देकर कहता हूं 

कि अगर कभी तोड़ा मेरे जैसा और कोई दिल 
कि अगर कभी तोड़ा मेरे जैसा और कोई दिल 
फिर कर दूंगा हालात ऐसे कि, 
तुझे मारूंगा भी नहीं और मरने भी नहीं दूंगा फिर चाहे तू जन्नत में भी मिल 
                                                                      फिर चाहे तू जन्नत में भी मिल। || 

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