Monday, September 28

अनसुने अल्फ़ाज़/ Morning Thoughts/ Quotes



 
 अनसुने अल्फ़ाज़/ Morning Thoughts/ Quotes


    ऐसे अल्फ़ाज़ जो बातों में  गहराइयाँ छोड़ दे….. 
    
  Very rare collection of Thoughts…..
    





        ? पैर  की  मोच और छोटी सोच,
             हमें  आगे बढ़ने   नहीं   देती ।




         ? टूटी कलम और औरो से  जलन ,
              खुद का भाग्य लिखने  नहीं   देती ।



          ? काम का आलस्य और पैसो का लालच,
                हमें महान बनने नहीं देता ।


         ?दुनिया में सब चीज मिल जाती है,
             केवल अपनी गलती नहीं मिलती।



         ?” जितनी भीड़, बढ़ रही ज़माने में……..
                लोग उतनें ही, अकेले होते जा रहे हैं।।


        ? इस दुनिया के लोग भी कितने अजीब है ना,
             सारे खिलौने छोड़ कर जज्बातों से खेलते हैं।। 



        ? किनारे पर तैरने वाली  लाश को देखकर ये समझ आया….
             बोझ शरीर का नही साँसों का था

        ?“सफर का मजा लेना हो तो साथ में सामान कम रखिए
                                             और
             जिंदगी का मजा लेना हैं तो दिल में अरमान कम रखिए !!




       ? तज़ुर्बा है मेरा…. मिट्टी की पकड़ मजबुत होती है,
            संगमरमर पर तो हमने …..पाँव फिसलते देखे हैं…!




       ? जिंदगी को इतना सिरियस लेने की जरूरत नही यारों,
            यहाँ से जिन्दा बचकर कोई नही जायेगा !



       ?जिनके पास सिर्फ सिक्के थे वो मज़े से भीगते रहे बारिश में ….
           जिनके जेब में नोट थे वो छत तलाशते रह गए… !




      ?पैसा इन्सान को ऊपर ले जा सकता है,
          लेकिन इन्सान पैसा ऊपर नही ले जा सकता……!



      ?कमाई छोटी या बड़ी हो सकती है….
          पर रोटी की साईज़ लगभग सब घर में एक जैसी ही होती है।




                            शानदार बात


     ?इन्सान की चाहत है कि उड़ने को पर मिले,
         और परिंदे सोचते हैं कि रहने को घर मिले…
                 

     ?’कर्मो’ से ही पहेचान होती है इंसानो की…
          महेंगे ‘कपडे’ तो, ‘पुतले’ भी पहनते है दुकानों में !!

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