Friday, September 25

अनसुने अल्फ़ाज़/ Morning Thoughts/ Quotes



अनसुने अल्फ़ाज़/ Morning Thoughts/ Quotes

       ?तू रूठी रूठी सी रहती है ऐ जिंदगी,
           कोई तरकीब बता तुझे मनाने की,
           मैं सांसे गिरवी रख दूंगा अपनी,
           बस तू क़ीमत बता मुस्कुराने की……!!!




       ?नफ़रत करना तो कभी सीखा ही नहीं जनाब,
           हमने दर्द को भी चाहा है अपना समझ कर।




       ?न जन्म कुछ,न मृत्यु कुछ, ज़रा सी इतनी बात है …
           किसी की आँख खुल गई, किसी को नींद आ गई …!!!





       ?कुछ पल ज़रूरतों के साथ क्या गुज़ारे, 
           क्यूँकि मुंह फुला कर बैठ गई है दिल की सब ख्वाहिशें…..!!!




       ?मिल जाता है दो पल का सुकूंन चंद यारों की बंदगी में
            वरना परेशां कौन नहीं अपनी-अपनी ज़िंदगी में……!!!




       ?पहाड़ो पर बैठकर तप कर लेना फिर भी सरल है
           किन्तु परिवार में रहकर धीरज बनाए रखना 
            सबके बस की बात नहीं ।।



      ?रिश्ते तोड़ने तो नही चाहिये लेकिन 
          जहां कदर ना हो वहां निभाने भी नहीं चाहिए …!!!




      ?मौसम बहुत सर्द है ए दिल…
          चलो कुछ ख़्वाहिशों को आग लगाते हैं..…!!!



     ?थोड़ी सी खुशियाँ हमें भी चखा दे ए ज़िन्दगी…
          हमने कौन सा यहाँ रोजा रखा है ???




     ?नाराज़ हमेशा खुशियाँ ही होतीं हैं…
         ग़मों के इतने नखरे नहीं होते…..!!!




    ?खुशी तकदीरों में होनी चाहिए…
        तस्वीरों में तो हर कोई खुश नज़र आता है..…!!!




    ?हम आज भी अपने मुकद्दर से….शर्त लगाते हैं….!!
       भरी बरसात में….कागज की पतंग उड़ाते हैं….!!




   ? ख़ामोशी की तह में छुपा लो सारी उलझनें,
        शोर कभी मुश्किलों को आसान नहीं करता।



   ?सावधान रहना……… खताये तो गिन गिन कर, 
       दर्ज़ करता हे जमाना पर, खूबियो का कोई हिसाब नहीं रखता !!


  ?कुछ कह गए, कुछ सह गए,
      कुछ कहते कहते रह गए..।

     मै सही तुम गलत के खेल में
     न जाने कितने रिश्ते ढह गए…

     न जाने कितने रिश्ते ढह गए……!!!


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