Saturday, September 19

धन्यवाद जिंदगी( Dhanyawad zindagi) || Real Zindagi

धन्यवाद! धन्यवाद! धन्यवाद! 
 ऐ  जिंदगी तुझे धन्यवाद!
किसे किसे करूं धन्यवाद!
कैसे कैसे करूं धन्यवाद!
 ऐ ज़िन्दगी तुझे धन्यवाद!
पहला हक मेरी मां का पर ये शब्द तो खुद इसके अर्थ को मां के सामने छोटा कहता है| इसलिए एक धन्यवाद तो जिंदगी इसका भी बनता है| 
  एक धन्यवाद तो जिंदगी इसका भी बनता है
दूसरा हक मेरे पिता का जिनके सपनों की आशा के परिंदे में उड़ाने आया हूं
 इसलिए एक धन्यवाद तो जिंदगी उनका भी बनता है
 एक धन्यवाद तो उनका भी बनता है
तीसरा हक इस परिवार का जिसने मुझे स्वीकारा है क्योंकि लिंगो में भेदभाव यहां सुना है मैंने,
 तो जिंदगी एक धन्यवाद तो बनता है
चौथा हक मेरे राष्ट्र का जहां इसकी खुशबू से मेरा रोना भी खुशी से स्वीकार आ गया है 
तो इसलिए जिंदगी एक धन्यवाद  तो इसका भी बनता है
अभी तो धन्यवादों की शुरुआत है, इस धन्यवाद को भी बहुत धन्यवाद देना है 
इसलिए एक धन्यवाद तो जिंदगी इस धन्यवाद का भी बनता है|
इसलिए एक धन्यवाद तो जिंदगी इस धन्यवाद का भी बनता है| 

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