Saturday, September 19

माफी चाहता हूं!( Maafi chahta hun) || Real Zindagi

 माफी चाहता हूं!
 हाँ माफी चाहता हूं!
 नहीं हूं मैं ऐसा तुमने सोचने में गलती कर दी 
 नहीं हूं मैं ऐसा तुमने समझने में गलती कर दी 
 फिर भी माफी मांगता हूं,
 क्योंकि आज भी मैं तुम्हें चाहता हूं,
 क्योंकि आज भी मैं तुम्हें चाहता हूं,
 कुछ गलतियां हुई होंगी,  कुछ माफी भी मांगी होगी,
 पर शायद तुमने ध्यान न दिया और यह बात बढ़ाई होगी,

फिर भी माफी चाहता हूं, हाँ फिर भी माफी चाहता हूं,
अब भी कहता हूं, माफी होती है माफ करने के लिए
 साथी होता ही है साथ निभाने के लिए
 क्योंकि अकेला पड़ गया हूं इस जहाँ में,
 क्योंकि अब तो मन भी नहीं लगता कुछ खाने में,
 मानो मिठास थे तुम मेरे स्वाद के
 मानो एहसास थे तुम मेरे साँस के
उम्मीद करता हूं मानोगे तुम मेरी बात को
आने दो फिर उस सावन की बरसात को
नहीं भिगाऊंगा तुम्हें अब किसी भी बात पर
क्योंकि माफी चाहता हूं फिर से उस बात पर
क्योंकि माफी चाहता हूं फिर से उस बात पर || 

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